गौरव ग्राम सिवनी (नैला) शारदीय नवरात्र शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मंदिरों व पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही है सभी जगहों पर कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है
सिवनी गाँव में गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया संतोषी माता मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया भक्तों ने गतवा तालाब से जलभरण किया इसके बाद गाँव के संतोषी माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की गई
एक सौ इक्यावन कुंवारी कन्याओं ने कलश यात्रा में भाग लिया और पूरे गाँव का भ्रमण किया
आचार्य अमित मिश्रा ने बताया कि शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है मां दुर्गा की उपासना का पर्व साल में चार बार आता है। जिसमें दो गुप्त नवरात्रि और दो चैत्र व शारदीय नवरात्रि होती है शारदीय नवरात्रि अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है शारदीय नवरात्रि का पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है, जो कि नवमी तिथि को समाप्त होंगी इसके बाद दशहरा मनाया जाएगा। प्रतिपदा तिथि के दिन घटस्थापना की जाती है। इस दिन से 9 दिन अखंड ज्योति जलाई जाती है जिसमे इस वर्ष मनोकामना ज्योति कलश में 60 घृत, 100 जवा, और 400 तेल ज्योति कलश रहेंगे
एक तरफ जहां पूजा पंडालों में मां की भव्य प्रतिमा का निर्माण कर पूजा-अर्चना की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर ज्यादतर घरों में भी कलश स्थापना के साथ लोग भक्ति भावना में लीन हो गए हैं क्वार नवरात्र के मौके पर भक्तों के जयकारा के साथ नवरात्रि के प्रसिद्ध भजनों से पूरा ग्रामीण क्षेत्र गुंजायमान हो गया है
माँ संतोषी सेवा समिति के अध्यक्ष शरद राठौर के नेतृत्व में यह कार्यक्रम सफल हुआ साथ में समिति के संरक्षक शैलेन्द्र पाण्डेय और सहयोगी राधेश्याम राठौर, उज्जवल पाण्डेय, सुकेश शर्मा, राधेश्याम राठौर (पांडा) तिहारु यादव, धर्मेन्द्र बरेठ, एवं गाँव के सभी नागरिक उपस्थित रहें।
