उग्रेश्वर गोपाल केवट की रिपोर्ट
यह आध्यात्मिक पुण्य भूमि है यहां के कण-कण में परमात्मा का अनुभव हो रहा है
प्रथम दिवस कथा श्रवण करने के लिए छत्तीसगढ़ उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति एवं पूर्व आईजी सहित अनेक विशिष्ट जन हुए सम्मिलित
जांजगीर चाम्पा:- श्री शिवरीनारायण धाम की यह पावन धरा पुण्य तीर्थ क्षेत्र है। यहां के कण-कण में परमात्मा का अनुभव हो रहा है, जब हमें यह पता चलता है कि श्री शिवरीनारायण मठ या श्री दूधाधारी मठ में कथा कहनी है तो हमारा मन गदगद हो जाता है। परम पूज्य महाराज जी महामंडलेश्वर हैं, जगतगुरु हैं, उनके सानिध्य में कथा कहने और सुनाने का सौभाग्य हमें मिला है। यह बातें श्री शिवरीनारायण मठ महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर श्री धाम अयोध्या, उत्तर प्रदेश से पधारे हुए अनंत श्री विभूषित श्री स्वामी मधुसूदनाचार्य वेदांताचार्य जी महाराज ने व्यासपीठ की आसंदी से अभिव्यक्त किया। इसके पूर्व जगत नियंता भगवान श्री शिवरीनारायण जी की विधिवत पूजार्चना की गई।

उन्होंने कहा कि हम बड़े ही भाग्यवान हैं भगवान शिवरीनारायण के पावन सानिध्य और माता शबरी के प्राकट्य स्थल तथा भगवान रघुनाथ जी द्वारा नवधा भक्ति की व्याख्यान स्थली में श्रीमद् भागवत कथा कहने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है। महात्माओं के दर्शन, त्रिवेणी संगम, प्राचीन मठ इन सबको देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हम अयोध्या धाम में ही बैठकर कथा सुना रहे हैं। मंच पर मुख्य यजमान के रूप में हमेशा की तरह महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज विराजित थे।

प्रथम दिवस कथा का रसपान करने के लिए छत्तीसगढ़ उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीपी शर्मा जी अपने सहयोगियों सहित उपस्थित हुए। उन्होंने भी स्रोताओं को संबोधित किया और कहा कि -श्रीमद् भागवत महापुराण में परीक्षित जी को एक संत ने रास्ता बताया कि आज से सातवें दिवस आपकी मृत्यु होगी! हम सभी की मृत्यु भी सात दिनों के अंदर ही होती है। महाराज जी का हमें जब भी निर्देश प्राप्त होता है हम उपस्थित हो जाते हैं। उन्होंने हमें कथा शुभारंभ के प्रथम दिवस उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया था आज हम सभी उपस्थित हुए हैं। पूर्व मुख्य न्यायाधीश जी के साथ कार्यक्रम में पूर्व आईजी पी एन तिवारी, पूर्व कलेक्टर बृजेश मिश्रा, अनिल शर्मा, अशोक तिवारी, राकेश तिवारी आदि अनेक अति विशिष्ट नगरीकरण उपस्थित हुए।
