
सुदीप यादव/सामरी बलरामपुर
कुसमी/बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा के निर्देश पर छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा पर अवैध धान परिवहन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत महुआडांड़ (झारखंड) के दो धान बिचौलियों को पकड़कर जेल भेज दिया गया। पकड़े गए आरोपियों में पीताम्बर यादव पिता देवप्रसाद यादव और रामेश्वर यादव पिता राधेश्याम यादव शामिल हैं। दोनों झारखंड राज्य के ओरसा पाठ, जिला लातेहार के निवासी बताए गए हैं।
सूचना मिली थी कि दोनों व्यक्ति दो वाहनों में झारखंड से अवैध रूप से धान लेकर छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। कुसमी SDM करुण डहरिया के मार्गदर्शन और पुलिस–राजस्व टीम की सतर्कता से दोनों वाहनों को सीमा के समीप रोककर जांच की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी किसी भी प्रकार का धान परिवहन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जिसके बाद दोनों वाहनों और धान को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया।
रामेश्वर यादव अवैध धान बिक्री का पुराना संदिग्ध
सूत्रों के अनुसार, रामेश्वर यादव द्वारा बीते समय से लगातार अवैध रूप से धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की शिकायतें मिल रही थीं, परंतु वह पकड़ में नहीं आ पा रहा था। इस बार कुसमी SDM करुण डहरिया और थाना प्रभारी सामरी की विशेष योजना के तहत स्थानीय व्यक्ति को झारखंड भेजकर कार्रवाई की गई। जैसे ही आरोपी धान लेकर सीमा में घुसे, टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।
पकड़े जाने के दौरान दोनों आरोपियों ने अधिकारियों से वाद–विवाद कर शांति भंग करने का प्रयास भी किया। इस पर थाना प्रभारी सामरी द्वारा मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को SDM कुसमी की न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी हुए। साथ ही मंडी निरीक्षक द्वारा FIR दर्ज करने आवेदन भी प्रस्तुत किया गया है।
SDM कुसमी की चेतावनी—अवैध धान परिवहन पर होगी सख्त कार्रवाई
कुसमी SDM करुण डहरिया ने मीडिया से चर्चा में कहा कि अवैध धान परिवहन करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कोई भी व्यक्ति यदि ऐसी कोई सूचना देता है तो उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। अवैध धान ढुलाई में शामिल परिवहनकर्ता और सहयोगियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर की सख्ती का असर
इस वर्ष प्रशासन की कड़ी निगरानी के कारण झारखंड से छत्तीसगढ़ धान तस्करी करने वाले बिचौलियों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अवैध धान बिक्री को रोकने में प्रशासन को बेहतर सफलता मिल रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के किसानों के हित सुरक्षित हो रहे हैं।
