
सुदीप यादव/सामरी
कुसमी। क्षेत्र की प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनी हिंडाल्को इन दिनों गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की मृत्यु के बाद मिलने वाली पेंशन और भविष्य निधि पीएफ राशि के भुगतान में भारी लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। सबसे अधिक परेशानी उन विधवा महिलाओं को झेलनी पड़ रही है जो अपने पति की मृत्यु के बाद आर्थिक सहारे के लिए इस राशि पर निर्भर हैं।
पीएफ का प्रावधान स्पष्ट है कि—
यदि कर्मचारी की सेवा अवधि समाप्त हो जाए, या ड्यूटी के दौरान उसकी मृत्यु हो जाए, तो मृत्यु उपरांत उसकी पत्नी या पात्र परिजन को पीएफ राशि व पेंशन मिलना ही चाहिए।
लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।
दिनांक 03/12/2025 बुधवार को तीन महिला और एक बुजुर्ग हिंडाल्को कुसमी आए हुए थे। पीड़ित महिला सुनीता यादव ने बताया कि उनके पति हिंडाल्को में कार्यरत थे और वर्ष 2023 में उनका निधन हो गया। इसके बाद से सुनीता लगातार कंपनी के हेड ऑफिस के चक्कर लगा रही हैं ताकि उन्हें अपने पति की पेंशन और पीएफ की राशि मिल सके, मगर आज तक भुगतान नहीं हुआ।
सुनीता यादव ने बताया—
मैं 2023 से लगातार हिंडाल्को की हेड ऑफिस जा रही हूं। कभी कहते हैं अधिकारी मीटिंग में हैं, कभी कहते हैं आज कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। हमें गेट से ही लौटा दिया जाता है। इतनी बड़ी कंपनी होकर भी विधवा महिलाओं की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।
केवल सुनीता ही नहीं, बल्कि ऐसी सैकड़ों महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं। को अपने पति की मृत्यु के बाद मिलने वाली पेंशन, बोनस और पीएफ राशि के लिए महिलाओं को महीनों तक ऑफिस के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सामरी से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित हिंडाल्को के हेड ऑफिस में पहुंचने के बाद भी उन्हें सही जानकारी या समाधान नहीं दिया जाता।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इसे गंभीर लापरवाही बताया और कंपनी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सभी पात्र महिलाओं को उनकी राशि जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।
