जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है… जहाँ अन्नदाता के पसीने पर सीधा डाका डाला जा रहा है! सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं और यह सब हो रहा है मंडी प्रभारी की सरपरस्ती में!
यह तस्वीरें हैं जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा ब्लॉक अंतर्गत लटिया धान मंडी की… जहाँ मंडी किसानों के लिए राहत नहीं, बल्कि लूट का अड्डा बन चुकी है। सूत्रों और किसानों के आरोप बेहद गंभीर हैं। मंडी में बिना एंट्री के व्यापारियों की गाड़ियाँ धड़ल्ले से अंदर घुस रही हैं। न तो वजन हो रहा है… न ही कोई रिकॉर्ड… सीधे धान के बोरे चट्टों पर चढ़ा दिए जा रहे हैं। और सबसे चौंकाने वाली बात जहाँ सरकार ने 40 किलो 700 ग्राम मानक तय किया है, वहीं किसानों से 41 किलो 200 ग्राम तक धान लिया जा रहा है । यानी हर बोरी पर सीधी चोरी! हर किसान के साथ खुला अन्याय! किसानों की पीड़ा अन्नदाता अपनी फसल लेकर उम्मीद के साथ मंडी आता है, लेकिन यहाँ उसे मिलता है— अपमान, शोषण और लूट! नियम सिर्फ कागजों में हैं, ज़मीनी हकीकत में मंडी प्रभारी की मनमानी चल रही है। व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए, किसानों के हक पर दिनदहाड़े डाका डाला जा रहा है । सबसे बड़ा सवाल यह है कि— क्या यह सब बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के हो रहा है? या फिर पूरा सिस्टम ही इस लूट में शामिल है? अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों का भरोसा, सरकारी मंडी व्यवस्था से पूरी तरह टूट जाएगा ।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब जागता है? क्या दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई? या फिर किसानों की मेहनत यूँ ही मंडी की भेंट चढ़ती रहेगी?
