महाराष्ट्र की धरती पर छत्तीसगढ़ की बेटियों का कराटे में परचम, 700 खिलाड़ियों के बीच छ.ग. नेशनल चैम्पियनशिप में उपविजेता, 4 बेटियों ने जीते 4 गोल्ड।

आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं छत्तीसगढ़ की उन बेटियों की कहानी, जिन्होंने अपने हौसले, मेहनत और कराटे की ताकत से पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। जहां महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित परशुराम स्टेडियम, राजराजेश्वरी हॉल में आयोजित 7वीं ऑल इंडिया यूथ नेशनल मार्शल आर्ट चैंपियनशिप 2025–26 अब इतिहास बन चुकी है… देश के 14 राज्यों से आए 700 से अधिक खिलाड़ियों के बीच छत्तीसगढ़ की सिर्फ 4 बेटियों ने वो कर दिखाया, जिसकी पूरे चैम्पियनशिप में चर्चा हो रही है।

इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने पूरी चैम्पियनशिप में दूसरा स्थान (Runner-Up 🥈) हासिल कर प्रदेश को गौरवान्वित किया। टीम का नेतृत्व किया प्रदेश ऑफिसियल सिहान ईशांत महन्त ने, कोच रहीं दिव्या महन्त, और टीम मैनेजर की भूमिका निभाई दामिनी साहू ने।
अब बात उन बेटियों की, जिन्होंने गोल्ड मेडल की बरसात कर दी ⬇️
🥇 अतीक्षा महन्त – सबसे कम उम्र की खिलाड़ी, तमिलनाडु की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
🥇 इशिका चतुर्वेदी, 2 अंकों से शानदार जीत, गोल्ड पर कब्ज़ा।
🥇 दामिनी साहू, महाराष्ट्र की खिलाड़ी को 7 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
🥇 साक्षी साहू, ओडिशा की खिलाड़ी को मात देकर गोल्ड मेडल जीता।
इन चारों बेटियों की ऐतिहासिक जीत का नतीजा यह रहा कि अब इन सभी का चयन नेपाल की राजधानी काठमांडू में होने वाली अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप अप्रैल–मई 2026 के लिए हो गया है। इस उपलब्धि पर नगर पालिका मंदिरहसौद के अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने खिलाड़ियों को बधाई, आशीर्वाद और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। जहां छत्तीसगढ़ की ये बेटियाँ सिर्फ मेडल नहीं जीत रहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हिम्मत, आत्मविश्वास और प्रेरणा बन रही हैं। महाराष्ट्र की धरती पर छत्तीसगढ़ की बेटियों का कराटे में परचम, 700 खिलाड़ियों के बीच छ.ग. नेशनल चैम्पियनशिप में उपविजेता, 4 बेटियों ने जीते 4 गोल्ड। इन चारों बेटियों की ऐतिहासिक जीत का नतीजा यह रहा कि अब इन सभी का चयन नेपाल की राजधानी काठमांडू में होने वाली अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप अप्रैल–मई 2026 के लिए हो गया है। इस उपलब्धि पर नगर पालिका मंदिरहसौद के अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने खिलाड़ियों को बधाई, आशीर्वाद और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। जहां छत्तीसगढ़ की ये बेटियाँ सिर्फ मेडल नहीं जीत रहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हिम्मत, आत्मविश्वास और प्रेरणा बन रही हैं।
