महानदी पर रेत माफियाओं का राज! खोरसी पंचायत में खुलेआम लूट, प्रशासन मौन।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत खोरसी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। यहां महानदी के सीने को छलनी कर रेत माफिया खुलेआम अवैध उत्खनन कर रहे हैं… और हैरानी की बात यह है कि यह सब प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है। ग्राम पंचायत खोरसी में इन दिनों रेत माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं। महानदी के किनारे दिन-रात अवैध रेत उत्खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार को कोई बड़ा माफिया नहीं, बल्कि गांव के ही कुछ युवा अंजाम दे रहे हैं। जिन हाथों में आज कलम और किताब होनी चाहिए थी, वे हाथ अब रेत की तस्करी में लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक लोडिंग चार्ज के नाम पर हर ट्रिप से 200 रुपये की वसूली की जा रही है, और हर दिन सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत लेकर निकल रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल:– आखिर इतना बड़ा अवैध कारोबार कैसे चल रहा है?
क्या रेत माफियाओं को किसी का संरक्षण मिला हुआ है?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कभी-कभार इलाके में आते जरूर हैं, लेकिन सिर्फ दिखावे की कार्रवाई करते हैं। दो-चार ट्रैक्टर पकड़कर अपनी पीठ थपथपा लेते हैं और फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है
जमीनी हकीकत:– अगर आप खोरसी गांव के नदी किनारे पहुंचेंगे तो आपको जगह-जगह भारी मात्रा में अवैध रेत का डंप दिखाई देगा। यह साफ संकेत है कि यहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन चल रहा है। इसके बावजूद खनिज विभाग और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
प्रशासन को खुली चुनौती:– कम उम्र में इस तरह खुलेआम अपराध को अंजाम देना कहीं न कहीं कानून व्यवस्था के लिए भी खतरे की घंटी है। अगर अभी इन युवाओं पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में यही युवा बड़े रेत माफिया बनकर प्रशासन को खुली चुनौती देंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि– क्या खबर सामने आने के बाद खनिज विभाग कुंभकरण की नींद से जागेगा?
क्या खोरसी गांव में हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर कोई सख्त कार्रवाई होगी? या फिर हर बार की तरह इस बार भी मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, और महानदी का सीना ऐसे ही छलनी होता रहेगा।
