Wednesday, February 11, 2026
No menu items!

किसानों ने उठाई शिकायत: धान खरीदी केंद्र पर अतिरिक्त शुल्क वसूली का मुद्दा

{“remix_data”:[],”remix_entry_point”:”challenges”,”source_tags”:[“local”],”origin”:”unknown”,”total_draw_time”:0,”total_draw_actions”:0,”layers_used”:0,”brushes_used”:0,”photos_added”:0,”total_editor_actions”:{},”tools_used”:{},”is_sticker”:false,”edited_since_last_sticker_save”:false,”containsFTESticker”:false}

सुदीप यादव/सामरी

कुसमी। आ.जा सेवा सहकारी समिति मर्यादित कुसमी के पत्र क्रमांक 961 के आधार पर कुसमी धान खरीदी केंद्र में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार समितियों द्वारा किसानों से प्रति बोरा ₹41.200 वसूला जा रहा है, जबकि शासन के निर्देश अनुसार अधिकतम दर ₹40.700 तय है। इसके बावजूद किसान अतिरिक्त वसूली के शिकार बन रहे हैं।

केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन ने 28 अप्रैल 2025 को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रति क्विंटल की निर्धारित मजदूरी राशि सरकार की ओर से सीधे समिति को दी जाएगी। इसके बावजूद किसानों से श्रम शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि नियम के तहत किसानों को एक रुपए भी अतिरिक्त राशि नहीं देनी चाहिए।

इतना ही नहीं, शासन निर्देशित करता है कि धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली की अनलोडिंग, बोरा पलटी सहित सभी कार्य समिति द्वारा कराए जाएंगे, परंतु कुसमी केंद्र में यह पूरा कार्य किसानों से कराया जा रहा है। किसानों को पूरा श्रम खुद करना पड़ रहा है, जबकि समिति अपने दायित्वों से बचती दिखाई दे रही है।

किसानों का आरोप है कि समिति की मनमानी किसी न किसी “छत्रछाया” में हो रही है, जिससे सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार कौन है? यह कहीं न कहीं शासन-प्रशासन की नाकामी को उजागर करता है, जिसके चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धोखा, छल और अतिरिक्त बोझ की इस प्रक्रिया ने किसानों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

किसानों ने मांग की है कि इस अनियमितता की तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

RELATED ARTICLES

Most Popular




More forecasts: oneweather.org