चांपा। नगर के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों में से एक रामबांधा तालाब इन दिनों अव्यवस्थाओं और लापरवाही का शिकार होता नज़र आ रहा है। तालाब के किनारे विकसित किया गया मॉर्निंग वॉक पथवे, जो सैकड़ों लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन का महत्वपूर्ण साधन है, अब खराब हालत में पहुंच चुका है। स्थानीय पार्षद अंजलि देवांगन ने स्थल निरीक्षण के दौरान पथवे की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नगर प्रशासन को ध्यान आकर्षित कराने की बात कही। पार्षद ने बताया कि पथवे पर लगी इंटें जगह-जगह धंस गई हैं, कई स्थानों पर आगे-पीछे खिसक गई हैं, जिससे सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाले लोगों को असुविधा के साथ-साथ चोट लगने का भी खतरा बढ़ गया है। पथवे के बगल में लगाए गए हरियाली के पौधे भी उचित रखरखाव के अभाव में छोटे झाड़ों में तब्दील होते जा रहे हैं, जिससे पथवे का सौंदर्य बिगड़ रहा है और रास्ता भी संकरा होता जा रहा है। इसके साथ ही तालाब के किनारे बने पचरी घाट की स्थिति और भी दयनीय बताई जा रही है। पार्षद अंजलि देवांगन ने बताया कि शाम होते ही कुछ असामाजिक तत्व और नशेड़ी घाट पर जमावड़ा लगाकर गंदगी फैलाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों, महिलाओ और सीनियर सिटीज़न्स के लिए वहां आना-जाना मुश्किल हो जाता है। तालाब के आसपास शराब की बोतलों, डिस्पोज़ल कपों और प्लास्टिक कचरे का ढेर आम दृश्य बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तालाब क्षेत्र को सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में पूरा फिर से बदहाल हो रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार अवगत कराने के बावजूद नगर प्रशासन की ओर से सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। सुबह टहलने आने वाले लोगों ने बताया कि टूटी-फूटी पट्टियां और उभरी हुई ईंटें कई बार दुर्घटना का कारण बन चुकी हैं। पार्षद देवांगन ने नगर पालिका से पथवे की मरम्मत, पौधों की नियमित छटाई, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर सख्ती की मांग रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते तालाब के इस खूबसूरत क्षेत्र का संरक्षण नहीं किया गया, तो यह पूरी तरह जर्जर होकर बेकार हो जाएगा और लोगों का आना-जाना बंद हो जाएगा। उन्होंने तालाब को चांपा नगर की पहचान बताते हुए कहा कि इसके सौंदर्य और स्वच्छता को बनाए रखना नगर प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्थानीय नागरिकों ने भी उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही इस मुद्दे पर संज्ञान ले और रामबांधा तालाब क्षेत्र को फिर से सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक रूप में विकसित करे।
