पवन नामदेव का विशेष रिपोर्टिंग
जांजगीर-चांपा जिले के सिरली मंडी अंतर्गत पंजीयन क्रमांक 1043 उप केंद्र में धान खरीदी को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि धान खरीदी केंद्र के प्रभारी साहेब लाल द्वारा किसानों से शासन द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक धान लिया जा रहा है।
यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के किसानों में असंतोष का माहौल है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार प्रयास कर रही है। धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीयन, टोकन व्यवस्था, तौल में पारदर्शिता और समय पर भुगतान जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की ठगी या परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि प्रत्येक किसान से उसकी निर्धारित पात्र मात्रा के अनुसार ही धान की खरीदी की जाए।
इसके बावजूद सिरली मंडी उप केंद्र में नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीयो का कहना है कि केंद्र प्रभारी द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक धान लिया जा रहा है, जिससे न केवल शासन के नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि भविष्य में किसानों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। कुछ किसानों ने यह भी आशंका जताई है कि अधिक धान लेने के पीछे अवैध लेन-देन या अन्य अनियमितताएं हो सकती हैं।
मामले की पुष्टि के लिए हमारे मीडिया प्रतिनिधि द्वारा धान खरीदी केंद्र प्रभारी साहेब लाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया। फोन मिलाने पर उन्होंने कॉल रिसीव तो किया, लेकिन बिना कोई जानकारी दिए फोन काट दिया। केंद्र प्रभारी का यह रवैया कई सवाल खड़े करता है। यदि केंद्र पर सब कुछ नियमानुसार हो रहा है, तो जानकारी देने से परहेज क्यों किया गया? इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कहीं न कहीं कुछ न कुछ गड़बड़ी अवश्य है।
ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि केंद्र प्रभारी को शायद उच्च अधिकारियों का कोई भय नहीं है, तभी वह इतने खुलेआम सरकारी नियमों को ताक पर रखकर कार्य कर रहा है। गांव के भोले-भाले किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडी पहुंचते हैं और शासन की व्यवस्था पर भरोसा करते हैं, लेकिन यदि वही व्यवस्था उन्हें धोखे में डालने लगे तो यह बेहद गंभीर विषय है।
इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का मांग है कि उच्च अधिकारी इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराएं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी केंद्र प्रभारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और धान खरीदी व्यवस्था पर किसानों का विश्वास बना रहे।
