जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर में सीलिंग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रकरण में चांपा तहसीलदार प्रशांत पटेल की तत्परता और सक्रियता से समय रहते कार्रवाई की गई, जिससे सरकारी भूमि को कब्जे में जाने से बचा लिया गया। तहसीलदार द्वारा तत्काल नोटिस जारी कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई तथा स्थगन आदेश पारित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चांपा नगर क्षेत्र में सीलिंग की जमीन पर निर्माण संबंधी गतिविधियां चल रही थीं। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आने के बावजूद संबंधित अधिकारी गंभीरता नहीं दिखाते, जिसके चलते ऐसे मामले समाचारों की सुर्खियां बनते रहते हैं। लेकिन इस मामले में चांपा तहसीलदार प्रशांत पटेल ने अलग मिसाल पेश की।
सूत्रों के अनुसार सीलिंग की जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी पत्रकार पप्पू यादव एवं पवन नामदेव को मिली। दोनों पत्रकारों ने इस संबंध में तहसीलदार प्रशांत पटेल को अवगत कराते हुए जांच कराने का आग्रह किया। सूचना मिलते ही तहसीलदार ने बिना विलंब किए मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। जांच में सीलिंग की जमीन पर अनधिकृत रूप से निर्माण कार्य होते पाए जाने पर तत्काल नोटिस जारी किया गया।
तहसीलदार द्वारा संबंधित पक्ष को नोटिस देकर निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाया गया तथा आगे की कार्रवाई तक स्थगन आदेश जारी कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से न केवल सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से बचाया गया, बल्कि प्रशासन की सजगता और जिम्मेदारी भी सामने आई।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार की इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह हर मामले में अधिकारी समय पर कार्रवाई करें, तो सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। यह घटना प्रशासन और मीडिया के बीच सकारात्मक समन्वय का भी एक अच्छा उदाहरण मानी जा रही है।
