Wednesday, February 11, 2026
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जब कलम ने रचा इतिहास, तो 1000 पत्रकार, एक मंच पर, एक संकल्प — खरगोन बना पत्रकारिता की एकता का तीर्थ!

जब कलम ने रचा इतिहास, तो 1000 पत्रकार, एक मंच पर, एक संकल्प — खरगोन बना पत्रकारिता की एकता का तीर्थ!

यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था… यह कोई सामान्य सम्मान समारोह नहीं था… यह था — पत्रकारिता की आत्मा का महाकुंभ, जहाँ कलम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर पत्रकार एक हों — तो इतिहास लिखा जाता है। जहां मध्यप्रदेश के खरगोन से उठा एक ऐसा स्वर, जो आज पूरे देश के पत्रकारों की आवाज़ बन चुका है। भारतीय पत्रकार संघ ‘एआईजे’ के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय पत्रकार सम्मान एवं कल्याण महोत्सव–2026 ने पत्रकारिता के मान-सम्मान, एकता और कल्याण की नई इबारत लिख दी। अभ्युदय यूनिवर्सिटी परिसर, खरगोन… जहाँ देशभर से 1000 से अधिक पत्रकारों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि पत्रकार केवल खबरें नहीं बनाते — वे लोकतंत्र की नींव रखते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ। ज्ञान, विवेक और सत्य के मार्ग पर पत्रकारिता को अग्रसर रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया। एआईजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विक्रम सेन ने कहा— 12 वर्षों की निरंतर साधना का परिणाम है यह मंच। आज 575 से अधिक जिलों में संगठन सक्रिय है, और पत्रकारों के स्वास्थ्य, सुरक्षा व सम्मान के लिए देशभर में एमओयू किए गए हैं।” एक साधारण व्हाट्सएप आमंत्रण पर 1000 से अधिक पत्रकारों की उपस्थिति — यह भरोसा ही एआईजे की असली ताकत है। वरिष्ठ खोजी पत्रकार श्री पुष्पेंद्र वैद्य ने एआईजे के संघर्षपूर्ण सफर को याद करते हुए कहा— जब पत्रकार असुरक्षित थे, तब एआईजे ने आवाज़ उठाई। आज यह संगठन पत्रकारों के सम्मान का सबसे बड़ा मंच है।

राजनीतिक व सामाजिक सहभागिता:– विधायक श्री हीरालाल अलावा, विधायक श्री केदार डावर और विधायक श्री बालकृष्ण पाटीदार ने इस ऐतिहासिक आयोजन को खरगोन के इतिहास का अविस्मरणीय क्षण बताया। 350 से अधिक वाहनों में पत्रकारों का आगमन — एक दृश्य जो वर्षों तक याद रखा जाएगा। वरिष्ठ संपादक हेमंत पाल और वरिष्ठ पत्रकार तेजकुमार सेन ने कहा कि लेखन के साथ-साथ संगठित एकता ही पत्रकारिता का भविष्य सुरक्षित कर सकती है। त्रिकालदर्शी श्री रामलला सरकार, अयोध्या ने कहा–पत्रकार अपना समय राष्ट्र को दान करता है, यह राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च स्वरूप है। देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी और हॉस्पिटल समूहों द्वारा पत्रकारों के लिए चिकित्सा, शिक्षा और सहयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। 1000 से अधिक पत्रकारों को सम्मान ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और बैज देकर गरिमामय अभिनंदन किया गया। यह सिर्फ सम्मान नहीं था — यह पत्रकारिता के संघर्ष को सलाम था।

आभार व समापन:– राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजीजुद्दीन शेख ने सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा– आप सभी की एकता ही एआईजे की सबसे बड़ी शक्ति है। यह आयोजन साबित करता है कि जब नीयत साफ हो, उद्देश्य स्पष्ट हो और संगठन मजबूत हो–तो परिवर्तन तय होता है।राष्ट्रीय पत्रकार सम्मान एवं कल्याण महोत्सव–2026, अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं… यह बन चुका है, पत्रकारिता की एकता का राष्ट्रीय आंदोलन।

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