Wednesday, February 11, 2026
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श्रद्धा के मेले में मौत का झूला! शिवरीनारायण माघी मेला बना लापरवाही का अखाड़ा” झूला टूटा, दो युवतियां कुचलीं… सिस्टम बेनकाब!

श्रद्धा के मेले में मौत का झूला! शिवरीनारायण माघी मेला बना लापरवाही का अखाड़ा” झूला टूटा, दो युवतियां कुचलीं… सिस्टम बेनकाब!

जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण के पावन धाम में चल रहा विशाल माघी मेला…जहां श्रद्धा, आस्था और मनोरंजन के नाम पर आज मौत ने खुलेआम दस्तक दे दी! नगर पंचायत कार्यालय के ठीक सामने, भीड़ से खचाखच भरे मेले में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे प्रशासन की पोल खोलकर रख दी… मंगलवार शाम करीब 4 बजे… उमेश गुप्ता द्वारा संचालित आकाश झूले में अचानक झूले की कुर्सी टूटकर नीचे आ गिरी… और नीचे खड़ी थीं जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मल्दा की दो मासूम युवतियां…15 साल की चंद्रकांत कश्यप और 21 साल की भूमिका कश्यप… झूले की भारी कुर्सी सीधा उनके ऊपर आ गिरी… चीख-पुकार… भगदड़, अफरा-तफरी… पूरा मेला कुछ ही पलों में दहशत में बदल गया… दोनों युवतियां गंभीर रूप से घायल… एम्बुलेंस से आनन-फानन में शिवरीनारायण के शबरी अस्पताल लाया गया… जहां से भूमिका कश्यप की हालत गंभीर होने पर बिलासपुर रेफर किया गया।

सबसे बड़ा सवाल:–

👉 क्या ये सिर्फ हादसा है?

👉 या फिर सिस्टम की लापरवाही का नतीजा?

मेला शुरू होने से पहले जो अधिकारी झूलों की फिटनेस जांच करने आते हैं… क्या वाकई उन्होंने जांच की थी?bया फिर मोटी रकम लेकर कागजों में ही झूला पास कर दिया गया? नगर पंचायत की क्या जिम्मेदारी नहीं बनती? क्या उन्हें सिर्फ राजस्व वसूली से मतलब है? क्या लोगों की जान की कोई कीमत नहीं?अगर आज झूले के नीचे कोई मासूम बच्चा होता… तो जिम्मेदार कौन होता? ये हादसा नहीं… ये एक खुला अपराध है… जिसमें झूला संचालक, जांच करने वाले अधिकारी और नगर पंचायत सब बराबर के दोषी हैं।

अब सवाल ये है— क्या प्रशासन जागेगा? या अगली खबर किसी और की जान लेकर आएगी?

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