छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारतीय जनता पार्टी के सहकारिता प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित संभागीय कार्यशाला ने संगठनात्मक मजबूती और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नई दिशा तय की। जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और सहकारिता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके साथ ही राष्ट्रभावना और संगठन के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया।

कार्यशाला में प्रदेश संयोजक प्रवीण दुबे के मार्गदर्शन और संभागीय प्रभारी जितेंद्र धुरंधर के नेतृत्व में संभाग के विभिन्न जिलों से आए संयोजकों और सहसंयोजकों ने भाग लिया। अतिथियों का पारंपरिक रूप से श्रीफल, माला और साल से स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि प्रवीण दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता केवल एक विभाग नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर उनकी समस्याओं का समाधान करें और “सहकार से समृद्धि” के मंत्र को जन-जन तक पहुंचाएं।

संभागीय प्रभारी जितेंद्र धुरंधर ने संगठन के विस्तार, जिला कार्यसमिति गठन और कार्यप्रणाली पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की कुंजी है। कार्यशाला में बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित कई जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता को मजबूत करने और आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया। बिन सहकार नहीं उद्धार” के गूंजते उद्घोष के साथ कार्यशाला का समापन हुआ, जिसमें सहकारिता के जरिए प्रदेश में समृद्धि और विकास का संकल्प दोहराया गया।
