खरौद: धर्म, संस्कृति और राष्ट्र गौरव के अद्भुत संगम का साक्षी बना ऐतिहासिक लक्ष्मेश्वर महादेव मंदिर परिसर, जहां सोमनाथ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने एवं हजार वर्षों के संघर्ष और स्वाभिमान की स्मृति में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” भव्य श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठा। भक्ति, आध्यात्म और राष्ट्रभक्ति का ऐसा अद्भुत वातावरण बना कि श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के उद्बोधन का सीधा प्रसारण देखने हेतु विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कार्यक्रम का श्रवण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Kamlesh Jangde रहीं। उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता मिरी, प्रदेश कार्य समिति सदस्य गुलाब सिंह चंदेल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, डीएफओ हिमांशु डोंगरे सहित जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सुबह 6:30 बजे ठाकुर देव मंदिर से लक्ष्मेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं की लंबी कतार, शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में आचार्य शरद चंद्र शर्मा के सान्निध्य में पार्थिव शिवलिंग का वैदिक विधि-विधान से रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद यादव, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक महाआरती एवं दीपदान कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। सभा को संबोधित करते हुए सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के अटूट स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं द्वारा बार-बार मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन भक्तों की अटूट श्रद्धा और राष्ट्र की चेतना ने हर बार उसे पुनः भव्यता के साथ खड़ा किया। भाजपा जिला अध्यक्ष अंबेश जांगड़े ने अपने संबोधन में कहा कि “सोमनाथ का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही संघर्षपूर्ण भी। मोहम्मद गजनवी से लेकर औरंगज़ेब तक कई आक्रांताओं ने मंदिर को मिटाने का प्रयास किया, लेकिन सनातन आस्था की शक्ति के सामने हर विनाशकारी सोच समाप्त हो गई। सोमनाथ आज भी अमर है और भारत की अस्मिता का अजेय प्रतीक बना हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी ने भी सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व और उसके पुनर्निर्माण की प्रेरणादायक गाथा पर प्रकाश डाला। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद यादव ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के महत्व को विस्तार से बताया। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल सदस्य चंद्रकांत तिवारी, जिला पंचायत सदस्य संतोषी मनोज रात्रे, जनपद प्रतिनिधि मानेश जांगड़े, रूपचंद साहू, मंडल अध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह, राहुल थवाईत, अर्चना देवांगन, गौरी जांगड़े, अनुविभागीय अधिकारी राजकुमार तंबोली, तहसीलदार चंद्रकांत चंद्रवंशी, संजय अग्रवाल, हृदय यादव, महेश्वर यादव, संजू बंजारे, उत्तम सोनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक आयोजन को और भी भव्य बनाने में सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव नृत्य और रघुवीर यादव, दुर्गा साहू एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत शिव भजनों ने समां बांध दिया। संध्याकाल तक पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत और शिवमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यक्रम के अंत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी सत्यनारायण देवांगन ने जिला प्रशासन की ओर से सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया।
आस्था का संदेश, स्वाभिमान का उत्सव:– लक्ष्मेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, संघर्ष और पुनर्जागरण की जीवंत झलक बनकर सामने आया। यह आयोजन श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का ऐसा संगम बना, जिसकी गूंज लंबे समय तक जनमानस में बनी रहेगी।
