शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा। बरसात की कुछ घंटों की रिमझिम फुहार ने नगर पंचायत शिवरीनारायण के विकास के दावों की हकीकत सबके सामने ला दी। नगर पंचायत के वार्ड नंबर 11 में जलभराव की भयावह स्थिति ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गलियां तालाब में तब्दील हो गई हैं और कई घरों में पानी घुसने से परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पानी निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश आते ही यही हालात बन जाते हैं। कई बार नगर पंचायत अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी से शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। पानी से लबालब गलियों से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश और स्थानीय स्तर पर विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तब आखिर वार्ड नंबर 11 के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए कब तक संघर्ष करना पड़ेगा? लोगों में शासन और प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खबर जिम्मेदार अधिकारियों की नींद तोड़ेगी? क्या वार्ड नंबर 11 को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी, या फिर यह मुद्दा भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में जिम्मेदारों की कार्रवाई तय करेगी।
