Friday, July 31, 2026
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उफनती महानदी के बीच जिंदगी की जंग: प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मुस्तैदी से बची चार जिंदगियां और एक बेजुबान की जान।

घनघोर अंधेरी रात, चारों ओर बाढ़ का पानी और उफनती महानदी… जान हथेली पर रखकर चला साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन।

बलौदाबाजार/लवन। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और महानदी के बढ़ते जलस्तर के बीच ग्राम तुरमा में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों और उनके साथ मौजूद एक बेजुबान कुत्ते को प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की संयुक्त मुस्तैदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घनघोर अंधेरे, उफनती महानदी, जलमग्न खेतों और घनी झाड़ियों के बीच चलाया गया यह रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल साहस और सूझबूझ की मिसाल बना, बल्कि संकट की घड़ी में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की तस्वीर भी सामने लेकर आया। बाढ़ की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। लवन तहसीलदार पेखन तोन्डरे, लवन थाना प्रभारी अश्वनी सिन्हा एवं पुलिस टीम, कोतवाली बलौदाबाजार थाना प्रभारी लखेश केवट एवं उनकी टीम, पटवारी तुलसीराम बर्मन, पटवारी मोहनलाल सिन्हा, नगर सैनिक दल और एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला।

हरदी नाला बना चुनौती, ग्रामीणों ने बढ़ाया मदद का हाथ

रेस्क्यू स्थल तक पहुंचने का रास्ता भी बेहद चुनौतीपूर्ण था। बाढ़ के पानी से हरदी नाला उफान पर था। ऐसे में प्रशासनिक और बचाव दल के लिए घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्थानीय संसाधनों की मदद से बचाव दल को हरदी नाला पार कराया। इसके बाद टीम ने बिना समय गंवाए बाढ़ के बीच फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी।

रात के अंधेरे में नाव लेकर खुद उतरे विमल साहू।

इस साहसिक रेस्क्यू अभियान में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विमल साहू की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से चर्चा में रही। उन्होंने जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए स्वयं रेस्क्यू टीम के साथ नाव में सवार होकर अंधेरी रात में सर्च अभियान में हिस्सा लिया। ग्राम तुरमा विमल साहू का गृह ग्राम भी है। गांव के लोगों के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हो गए। उफनती नदी और चारों ओर फैले अंधेरे के बीच रेस्क्यू टीम के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चार लोगों के साथ फंसा था एक बेजुबान भी रेस्क्यू टीम को जानकारी मिली थी कि मिठाई विश्वकर्मा, उर्मिला विश्वकर्मा, जवाहर विश्वकर्मा और मंजू विश्वकर्मा बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। चारों ओर पानी, उफनती महानदी, घना अंधेरा और झाड़ियों से घिरे रास्ते ने बचाव अभियान को बेहद जोखिमपूर्ण बना दिया था। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम आखिरकार बाढ़ में फंसे चारों लोगों तक पहुंचने में सफल रही। उनके साथ एक कुत्ता भी फंसा हुआ था। टीम ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए उस बेजुबान को भी सुरक्षित बाहर निकाला।

ग्रामीणों ने भी निभाई अहम भूमिका रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने में ग्राम तुरमा के ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा संगठन के सदस्य और ग्रामीणों ने बचाव दल को हरसंभव सहयोग दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने बाढ़ की स्थिति और रास्तों की जानकारी देकर प्रशासनिक एवं बचाव दल का मार्गदर्शन किया। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।

चार गांवों पर बाढ़ का संकट, प्रशासन अलर्ट

लगातार बारिश और महानदी के बढ़ते जलस्तर के चलते तुरमा, हरदी, अमलडीहा और पाहांदा गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के स्कूल आने-जाने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन इन क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय करने की तैयारी रखी गई है।

पीड़ित परिवार ने जताया आभार

सुरक्षित बचाए गए चारों लोगों के परिवारजनों ने प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, नगर सैनिक दल, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवारजनों ने कहा कि जिस विषम परिस्थिति में बचाव दल उनके अपनों तक पहुंचा, वह उनके लिए जिंदगी भर याद रहने वाला क्षण है। संकट की घड़ी में सामने आई जनसेवा की तस्वीर तुरमा में हुआ यह रेस्क्यू अभियान केवल चार लोगों और एक बेजुबान की जान बचाने की घटना नहीं, बल्कि संकट के समय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास की प्रेरणादायी मिसाल बन गया है। जहां एक ओर प्रशासनिक अमले ने तत्परता दिखाते हुए समय पर बचाव अभियान शुरू किया, वहीं जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विमल साहू का स्वयं नाव में सवार होकर रेस्क्यू अभियान में शामिल होना और ग्रामीणों का सहयोग इस पूरे ऑपरेशन को खास बना गया। उफनती महानदी, घनघोर अंधेरा और चारों ओर बाढ़ का पानी… इन तमाम चुनौतियों के बीच चला यह साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार जिंदगी की जीत के साथ समाप्त हुआ। चार लोगों और एक बेजुबान को सुरक्षित बचाकर पूरी टीम ने साबित कर दिया कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी मात दी जा सकती है।

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