Sunday, August 30, 2026
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लोक परंपरा और उल्लास से सराबोर हुआ केसला, भोजली पर्व में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अनूठी झलक।

गांव की गलियों से लेकर सड़कों तक गूंजे भोजली दाई के जयकारे, प्रतिभाशाली बच्चों और भोजली प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का हुआ सम्मान, केसला। छत्तीसगढ़ की लोक आस्था, संस्कृति और परंपरा से जुड़े पावन भोजली पर्व का आयोजन ग्राम पंचायत केसला में इस वर्ष भी हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। गांव की गलियों से लेकर सड़कों तक भोजली की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पारंपरिक गीतों, जयकारों और उमंग के बीच पूरा गांव भोजली दाई की भक्ति और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।

भोजली पर्व को छत्तीसगढ़ में हरियाली, समृद्धि, खुशहाली और आपसी भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण जीवन की परंपराओं, लोकगीतों, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करता है। इसी भावना के साथ केसला में भोजली पर्व का आयोजन किया गया।

 

प्रतिभाओं को मिला सम्मान, बढ़ाया उत्साह:– कार्यक्रम में ग्राम पंचायत केसला की सरपंच अंबिका अर्जुन यादव द्वारा गांव के प्रतिभाशाली बच्चों तथा भोजली प्रतियोगिता में भाग लेने वाले समस्त प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा तथा पारंपरिक संस्कृति से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया। भोजली प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए प्रथम पुरस्कार ₹2100, द्वितीय ₹1500, तृतीय ₹1100 और चतुर्थ पुरस्कार ₹700 निर्धारित किया गया। वहीं प्रत्येक घर को ₹100 का सांत्वना पुरस्कार देकर सहभागिता को सम्मानित किया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का भी सम्मान:– आयोजन में शिक्षा के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। वर्ष 2026 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा सम्मान प्रदान किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को ₹1000 तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को ₹500 की सम्मान राशि दी गई। इस पहल से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ गांव के अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

शासकीय सेवा में चयनित युवाओं का भी बढ़ाया मान:– कार्यक्रम में वर्ष 2026 में शासकीय नौकरी प्राप्त करने वाले गांव के भाई-बहनों को भी विशेष रूप से सम्मानित करने की पहल की गई। शासकीय सेवा में चयनित युवाओं को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से युवाओं की मेहनत और उपलब्धि को पूरे गांव के सामने गौरवान्वित किया गया।

सामूहिक सहयोग से साकार हुआ आयोजन:– भोजली पर्व को सफल बनाने में ग्राम पंचायत, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और सहयोगी वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में विशेष सहयोग देने वालों में ऋषि पटेल, प्रेम साह, जितेंद्र साहू, नंद लाल केंवट (छत्तीसगढ़ पुलिस), योगेश साहू (रेलवे), महावीर केंवट (आर्मी), ताम्रध्वज एवं कौशल (शिक्षक) सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे। स्थानीय व्यापारियों ने भी आयोजन में सहयोग प्रदान कर सामाजिक सहभागिता का परिचय दिया। इनमें हेतराम साहू किराना स्टोर, शिव फैब्रिकेशन गिरौदपुरी, राज एल्युमिनियम शिवरीनारायण (धनाराम साहू), चंदराम साहू ऑटो सेंटर, दिव्यांश मेडिकल स्टोर (बद्री साहू), खिलेंद्र केंवट किराना स्टोर, अंशु ऑनलाइन सेवा केंद्र, छतराम केंवट किराना स्टोर, मनोहर साहू किराना स्टोर, भोजू केंवट किराना स्टोर, लक्ष्मी साहू पीयूष ऑटो सेंटर एवं विनीत का सहयोग रहा।

परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प:– ग्राम पंचायत केसला एवं समस्त ग्रामवासियों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि आधुनिकता के दौर में भी छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत गांवों की पहचान बनी हुई हैं। भोजली पर्व के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोक संस्कृति और सामूहिक एकता से जोड़ने का सुंदर प्रयास देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा और वातावरण “जय भोजली दाई” तथा “जय छत्तीसगढ़” के जयकारों से गूंजता रहा। ग्राम पंचायत केसला एवं समस्त ग्रामवासियों ने भोजली पर्व के माध्यम से हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

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