Saturday, September 19, 2026
No menu items!

बूझो तो जाने! जांजगीर-चांपा में नोटरी की कुर्सी पर कौन? नोटरी खुद मौजूद नहीं… सहयोगी के जरिए कथित तौर पर हो रहा काम? कैमरे में कैद हुआ पूरा मामला, अब नियमों और रिकॉर्ड की होगी पड़ताल।

बूझो तो जाने:– जांजगीर-चांपा में नोटरी की कुर्सी पर कौन? नोटरी खुद मौजूद नहीं… सहयोगी के जरिए कथित तौर पर हो रहा काम? कैमरे में कैद हुआ पूरा मामला, अब नियमों और रिकॉर्ड की होगी पड़ताल..!

जांजगीर-चांपा। जिले में नोटरी कार्यप्रणाली को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने नोटरी व्यवस्था की निगरानी और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक ऐसे नोटरी अधिवक्ता से जुड़ा बताया जा रहा है, जिनकी कथित अनुपस्थिति में उनके सहयोगी अधिवक्ता द्वारा नोटरी संबंधी कार्य किए जाने का वीडियो सामने आया है। अब सवाल यह है कि आखिर नोटरी का अधिकृत कार्य कौन कर रहा था? क्या संबंधित व्यक्ति स्वयं अधिकृत नोटरी हैं? क्या उनके पास वैध Certificate of Practice है? और यदि नोटरी स्वयं मौके पर मौजूद नहीं थे, तो उनके नाम से किए गए नोटरी कार्य की वैधानिक प्रक्रिया क्या थी?

नोटरी एक्ट में क्या है व्यवस्था?

Notaries Act, 1952 के अनुसार “notary” वह व्यक्ति है जिसे अधिनियम के तहत नियुक्त किया गया हो। अर्थात केवल अधिवक्ता होना अपने-आप में किसी व्यक्ति को नोटरी के रूप में कार्य करने का अधिकार नहीं देता। वहीं Notaries Rules, 1956 के Rule 11 में नोटरी के कार्यों और Notarial Register के रखरखाव की व्यवस्था निर्धारित है। नियमों के तहत प्रत्येक नोटरी को निर्धारित प्रारूप में Notarial Register रखना होता है और नोटरी के कार्यों का रिकॉर्ड संधारित करना होता है।

नियमों में नोटरी द्वारा दस्तावेजों को attest/certify करने तथा affidavit लेने जैसे नोटरी कार्यों का भी उल्लेख है।

सबसे बड़ा सवाल—अधिकृत नोटरी कौन और काम कौन कर रहा था? यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी अधिकृत नोटरी के नाम, मुहर अथवा अधिकार का इस्तेमाल करके नोटरी कार्य किया गया है, तो इसकी वैधानिकता की जांच आवश्यक है। यही वजह है कि अब इस पूरे मामले में संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से यह जांच होना जरूरी है कि—

• संबंधित व्यक्ति के पास वैध Certificate of Practice था या नहीं?

• जिस तारीख को कथित नोटरी कार्य हुआ, उस समय अधिकृत नोटरी कौन था?

• Notarial Register में उस दस्तावेज की एंट्री किसने की?

• दस्तावेज पर हस्ताक्षर किसके हैं?

• नोटरी की मुहर और प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किसने किया?

• क्या संबंधित नोटरी उस समय मौके पर मौजूद थे?

• यदि मौजूद नहीं थे तो नोटरी कार्य किस अधिकार के तहत किया गया?

• संबंधित नोटरी द्वारा किसी सहयोगी को ऐसा कार्य करने की कोई वैध अनुमति थी या नहीं?

वीडियो ने बढ़ाए सवाल, अब रिकॉर्ड खोलेगा राज:– बताया जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है। यदि वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम दस्तावेजी रिकॉर्ड से भी पुष्ट होता है, तो मामला केवल एक व्यक्ति की अनुपस्थिति का नहीं, बल्कि नोटरी प्रक्रिया और अधिकृत अधिकारों के पालन का विषय बन सकता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष संबंधित रिकॉर्ड और सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही सामने आएगा।

जिम्मेदार विभाग की भूमिका भी सवालों में:– अब निगाहें उन अधिकारियों पर भी हैं, जिनकी जिम्मेदारी जिले में नोटरी व्यवस्था से संबंधित निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई की है। क्या विभाग ने संबंधित नोटरी का वैध Certificate of Practice, नियुक्ति अवधि और अधिकृत क्षेत्र का रिकॉर्ड जांचा है?

क्या नोटरी रजिस्टर की जांच की गई?

क्या कथित रूप से सहयोगी द्वारा किए गए कार्य की वैधानिकता की कभी जांच हुई? अगर शिकायत सामने आती है तो क्या संबंधित अधिकारी Notaries Act, 1952 और Notaries Rules, 1956 के प्रावधानों के तहत रिकॉर्ड की जांच करेंगे?

“नोटरी कौन कर रहा था?”—यही है सबसे बड़ा सवाल:– मामले में अभी किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। लेकिन यदि वीडियो और दस्तावेजी रिकॉर्ड में नियमों के विपरीत कार्य की पुष्टि होती है, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जिम्मेदारी तय किया जाना जरूरी होगा।

“खबरें सच तक” की पड़ताल जारी है।

नोटरी का अधिकार किसके पास था, दस्तावेज पर हस्ताक्षर किसने किए, रजिस्टर में एंट्री किसने की और कथित रूप से अनुपस्थित नोटरी के नाम पर कार्य कैसे हुआ—इन सवालों के दस्तावेजी जवाब सामने लाने के बाद इस पूरे मामले का अगला खुलासा किया जाएगा।

बड़ा सवाल यही है— नोटरी की मुहर थी… लेकिन नोटरी कहां थे?

 

RELATED ARTICLES

Most Popular




More forecasts: oneweather.org