Sunday, August 9, 2026
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टूटते परिवारों को जोड़ने से लेकर लंबित मुकदमों के त्वरित निपटारे तक… 12 सितंबर को लगेगी नेशनल लोक अदालत।

जांजगीर न्यायालय में अधिवक्ताओं के साथ अहम बैठक, आपसी सहमति से मामलों के स्थायी समाधान पर जोर !

जांजगीर-चांपा, 08 अगस्त 2026। आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में जांजगीर जिला न्यायालय में परिवार न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के अधिवक्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जांजगीर ने की।

लोक अदालत… जहां मुकदमे नहीं, रिश्ते भी बचाए जाते हैं:– बैठक में लोक अदालत के मूल उद्देश्य पर विशेष जोर दिया गया। न्यायाधीशों ने कहा कि लोक अदालत केवल मामलों के त्वरित निपटारे का माध्यम नहीं, बल्कि आपसी सहमति, संवाद और सौहार्द के जरिए विवादों को स्थायी रूप से समाप्त करने का प्रभावी मंच है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा लंबे समय से चले आ रहे विवादों के कारण पैदा हुई कटुता और वैमनस्यता को भी खत्म करने में मदद मिलती है। विशेष रूप से परिवार न्यायालय के मामलों पर चर्चा करते हुए कहा गया कि आपसी समझाइश और सहमति के माध्यम से टूटे परिवारों को फिर से जोड़ना लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हो सकता है।

अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील:– बैठक में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय जांजगीर ने उपस्थित अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान कराने के लिए प्रेरित करें। अधिक से अधिक मामलों को राजीनामा एवं आपसी सहमति के आधार पर समाप्त कराने के लिए अधिवक्ताओं की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। लोक अदालत में परिवार न्यायालय, दीवानी मामले, शमनीय आपराधिक प्रकरण, बैंक रिकवरी, बिजली-पानी से संबंधित विवाद तथा लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को प्रमुखता से रखा जाएगा।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जताया पूर्ण सहयोग का भरोसा:– बैठक में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय जांजगीर, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर सहित जिला न्यायालय के अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निराकरण कराने में न्यायालय को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

आम लोगों के लिए भी सीधी अपील:– बैठक के दौरान न्यायाधीशों ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति का लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन मामला आपसी सहमति से सुलझ सकता है, तो वह संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर अपने मामले को आगामी नेशनल लोक अदालत में रखवा सकता है। 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो वर्षों से चल रहे विवाद को बातचीत, समझौते और आपसी सहमति के जरिए हमेशा के लिए समाप्त करना चाहते हैं।

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