13 किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा में उमड़ा यादव समाज का जनसैलाब, सामाजिक समरसता का दिया संदेश
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, सामाजिक एकता और भाईचारे का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के तत्वावधान में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा क्षेत्र में भागवत कथा एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। गिरवर गौरेला से पेंड्रा तक निकली लगभग 13 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में हजारों की संख्या में स्वजातीय बंधु-भगिनी शामिल हुए। खास बात यह रही कि आयोजन को सामाजिक समरसता का प्रतीक बनाते हुए सर्व समाज के लोगों ने भी इसमें सहभागिता की।

आधी रात को हुआ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव
4 सितंबर 2026 की रात ठीक 12 बजे भागवत कथा के पावन पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव संगीतमय एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही यादव समाज के अध्यक्ष ओमप्रकाश मनोज यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कथा व्यास पीठ से श्रीकृष्ण जन्म की कथा का सुंदर वर्णन किया गया। जन्मोत्सव के दौरान आरती, जयघोष एवं प्रसाद वितरण से पूरा वातावरण कृष्णमय हो उठा।
गिरवर से पेंड्रा तक निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा
5 सितंबर को गिरवर गौरेला से पेंड्रा तक निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया। डीजे, बाजे-गाजे और भक्ति संगीत के बीच चित्रकूट-वृंदावन से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

अतिथियों को खुले जीप में सम्मानपूर्वक बैठाकर यात्रा में शामिल किया गया। रास्ते में विभिन्न चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा आरती-पूजन और स्वागत किया गया तथा फल वितरण भी किया गया। राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियों और भक्ति गीतों ने शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए।
पेंड्रा में हुआ भव्य समापन समारोह
शोभायात्रा के पेंड्रा पहुंचने के बाद मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल के असेंबली हॉल में समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय सचिव इंजीनियर एस.डी. यादव मुख्य अतिथि तथा प्रदेश सचिव गणेश यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, संरक्षक लक्ष्मीधर यादव, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश दुबे, सिंधी समाज अध्यक्ष जयप्रकाश, राठौर समाज अध्यक्ष बृजलाल राठौड़, उद्योगपति राकेश जालान एवं गोपाल अग्रवाल सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे।
मंचासीन अतिथियों का दुपट्टा एवं पुष्पहार से स्वागत-सम्मान किया गया।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को मजबूत करने का संदेश
प्रदेश सचिव गणेश यादव ने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी सामाजिक बंधुओं, कार्यकर्ताओं एवं सर्व समाज के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने आगामी वर्ष में इससे भी अधिक भव्य रूप में आयोजन करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सचिव इंजीनियर एस.डी. यादव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में इस प्रकार की पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए आगामी राष्ट्रीय जनगणना में यादव समाज के लोगों से अपनी सामाजिक पहचान को एकजुट रूप से दर्ज कराने का आह्वान किया, ताकि समाज की वास्तविक संख्या का समुचित आंकड़ा सामने आ सके।
‘अहीर रेजिमेंट’ के नाम पर चौक की मांग को मिला समर्थन
कार्यक्रम के दौरान महासभा की ओर से चौक का नाम ‘अहीर रेजिमेंट’ के नाम पर रखने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए इसे परिषद के समक्ष रखने और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सर्व समाज ने की आयोजन की सराहना
समारोह में उपस्थित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम की जमकर सराहना की और सामाजिक एकता एवं समरसता के ऐसे आयोजनों में भविष्य में भी सहयोग देने का आश्वासन दिया।
अंत में महासभा अध्यक्ष ओमप्रकाश मनोज यादव ने सभी मंचासीन अतिथियों, सामाजिक प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं विशाल जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यकर्ताओं की मेहनत ने बनाया आयोजन को यादगार
कार्यक्रम की सफलता में जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश मनोज यादव, जिला उपाध्यक्ष गंगाराम यादव, जिला युवा अध्यक्ष टेकराम यादव, राजेश यादव, संतोष यादव, ओमप्रकाश यादव, मणिशंकर यादव, संदीप यादव, बालकिशन यादव, मोहन यादव, महिला जिला अध्यक्ष रेनु यादव, सामाजिक कार्यकर्ता अनीता यादव, रामधनी राम यादव सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भागवत कथा से लेकर भव्य शोभायात्रा तक पूरे आयोजन ने गिरवर से गौरेला-पेंड्रा तक भक्ति, एकता और सामाजिक समरसता की ऐसी छाप छोड़ी, जिसकी चर्चा क्षेत्र में होती रही।
