देवरी। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ ग्राम देवरी में सोमवार, 23 मार्च को द्वितीय वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं शामिल हुईं और संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। अधिवेशन की अध्यक्षता रहश बाई टंडन ने की, जबकि संचालन तुलसी खुटे ने किया। इस दौरान संगठन द्वारा वर्षभर में किए गए कार्यों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे कृषि, पशुपालन और लघु व्यवसायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ सामाजिक भागीदारी भी मजबूत हुई है। कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार और समूहों की मजबूती पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को और सशक्त बनाने तथा गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। प्रमुख उपस्थित रही चुननी मैडम (प्रधानपाठक), चंदू कुमारी लहरे (समाज सेविका), त्रिवेणी साहू (जनपद सदस्य), पवन कुमार साहू (सरपंच), रमेश पटेल (सचिव), गणेश पटेल (रोजगार सहायक), अमृता रजक (संकुल प्रभारी), सुनीता आदिले (संकुल सचिव), आसना रात्रे (FLCRP), रेशमती टंडन, रेशमा साहू (सक्रिय महिलाएं), कीर्तन साहू (कृषि सखी), रेखा साहू (पशु सखी), सुनीता साहू (V.O. सहायिका), अनीता खुटे (उपाध्यक्ष/संगठन अध्यक्ष), आरती केवट (खोरसी सक्रिय महिला)।आयोजक: बिहान आजीविका ग्राम संगठन, देवरी।
