पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश तिवारी का बड़ा बयान—“अनुचित फीस व दबाव किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं।
छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी को लेकर अब सख्त रुख अपनाया गया है। अखिलेश तिवारी, हर्षा परपानी और राजेश साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर डाला जा रहा अनावश्यक आर्थिक बोझ और दबाव पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे निश्चिंत रहें—सरकार और संबंधित संगठन इस मुद्दे पर गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं। इस दौरान बलराम साहू, हिमांशु साहू एवं रानी दीप भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है या शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष:– छत्तीसगढ़ में अब निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने की तैयारी है। प्रशासनिक सख्ती और सामाजिक जागरूकता के चलते अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
