09 मई 2026 को आयोजित होगी द्वितीय नेशनल लोक अदालत, चेक बाउंस सहित हजारों मामलों के समाधान का लक्ष्य।
जांजगीर-चांपा, 21 अप्रैल 2026:– आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायालय प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस क्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर में अधिवक्ताओं एवं बैंक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि नेशनल लोक अदालत की सफलता में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनके सहयोग से ही अधिक से अधिक प्रकरण आपसी सहमति से सुलझाए जा सकते हैं। माननीय श्री गणेश राम पटेल, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि विशेष रूप से धारा 138 चेक बाउंस के मामलों को अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, ताकि आपसी समझौते के माध्यम से शीघ्र निपटारा हो सके। वहीं, माननीय श्रीमती रविंदर कौर (FTSC-POCSO) एवं माननीय श्री प्रवीण मिश्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि वे दीवानी, फौजदारी, बैंक, राजस्व, श्रम एवं विद्युत से संबंधित राजीनामा योग्य प्रकरणों को चिन्हित कर लोक अदालत में रखें। अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि लोक अदालत के माध्यम से न केवल न्याय प्रक्रिया सरल और त्वरित होती है, बल्कि आम जनता को भी आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलती है। बैठक में श्री मनोज कुमार कुशवाहा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
🔎 खास बात:–
चेक बाउंस मामलों पर विशेष फोकस
आपसी समझौते से त्वरित न्याय
आम जनता को मिलेगा सीधा लाभ
अधिवक्ताओं की भागीदारी से बढ़ेगी सफलता
📢 निष्कर्ष:– नेशनल लोक अदालत केवल मामलों के निपटारे का मंच नहीं, बल्कि त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय का सशक्त माध्यम है। ऐसे में अधिवक्ताओं, न्यायालय और प्रशासन के सामूहिक प्रयास से इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में मामलों के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
