जांजगीर-चांपा | 20 अप्रैल 2026
जिले में न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण कर आम जनता को त्वरित राहत दिलाना है। कुटुंब न्यायालय जांजगीर के प्रधान न्यायाधीश के.आर. चरयाणी ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि पारिवारिक विवादों सहित अन्य राजीनामा योग्य मामलों को अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि यह मंच केवल मामलों के निपटारे का नहीं, बल्कि बिखरे परिवारों को फिर से जोड़ने का भी एक सुनहरा अवसर है। वहीं, जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जयदीप गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दीवानी, फौजदारी, बैंकिंग, राजस्व, श्रम और विद्युत से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ लोक अदालत में लाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि नेशनल लोक अदालत न्याय का ऐसा माध्यम है, जहां समय और धन दोनों की बचत होती है, साथ ही आपसी संबंध भी बने रहते हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश नीलिमा सिंह बघेल, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गणेशराम पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंजू कंवर तथा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गणेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
📌 क्यों खास है यह लोक अदालत?
- बिना लंबी सुनवाई के मामलों का निपटारा
- आपसी सहमति से समाधान, रिश्तों में मधुरता
- समय और खर्च की बचत
- आम जनता के लिए न्याय तक आसान पहुंच
🔎 निष्कर्ष:
नेशनल लोक अदालत केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज में सौहार्द और विश्वास को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। 9 मई को होने वाली यह पहल जांजगीर-चांपा जिले के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आ रही है, जहां न्याय के साथ रिश्तों की भी नई शुरुआत होगी।
