जिला महामंत्री भाजयुमो अभिषेक पाण्डेय पर लगाए गए आरोप निराधार, शिकायतकर्ता ने स्वयं शपथ पत्र देकर आरोप का खंडन किया है
जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री अभिषेक पाण्डेय के विरुद्ध सोशल मीडिया एवं कुछ ऑनलाइन समाचार माध्यमों में प्रसारित की जा रही शिकायत संबंधी खबरों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं शपथ पत्र प्रस्तुत कर यह स्पष्ट किया गया है कि मामला पुराना व्यावसायिक लेन-देन से संबंधित था तथा आपसी सहमति एवं राजीनामे के माध्यम से पहले ही समाप्त हो चुका है।
शपथ पत्र में शिकायतकर्ता ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि पूर्व में अभिषेक पाण्डेय के साथ व्यावसायिक लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, शिकायत के पश्चात दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा एवं सौहार्दपूर्ण बातचीत के माध्यम से विवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है तथा वर्तमान में किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं है।
शिकायतकर्ता ने अपने शपथ पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में की गई शिकायत की पावती को कुछ व्यक्तियों द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिसके आधार पर ऑनलाइन मीडिया में खबरें प्रकाशित की जा रही हैं। शिकायतकर्ता ने ऐसी खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि उसके द्वारा वर्तमान में अभिषेक पाण्डेय के विरुद्ध कोई शिकायत प्रसारित नहीं की गई है। उनकी छवि खराब करने के लिए राजनीतिक द्वेष के चलते इस प्रकार का झूठा खबर प्रसारित किया गया।
भाजयुमो की ओर से कहा गया है कि जब स्वयं शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र के माध्यम से पुराने मामले के आपसी राजीनामे से समाप्त होने की बात स्पष्ट कर दी है, तो इस पुराने प्रकरण को वर्तमान विवाद के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने जैसा है।
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिला महामंत्री अभिषेक पाण्डेय की सामाजिक एवं संगठनात्मक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से भ्रामक खबरों का प्रसार किया जाना उचित नहीं है। मीडिया एवं सोशल मीडिया से भी आग्रह है कि किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य की जाए।
भाजयुमो ने स्पष्ट किया कि संगठन अपने पदाधिकारियों के साथ खड़ा है और तथ्यहीन एवं भ्रामक प्रचार के बजाय सत्य एवं प्रमाणित तथ्यों को ही महत्व दिया जाना चाहिए।
